एमएमआईडी क्या होता है और यह कैसे काम करता है? |What is MMID & How its Works?

MONEY MOBILE IDENTIFIER (MMID NUMBER) – बैंकिंग प्रणाली में नेट बैंकिंग से ऑनलाइन मोबाइल नंबर का प्रयोग कर ट्रांजैक्शन करने पर मोबाइल मनी आइडेंटिफ़ायर टर्म का इस्तेमाल किया जाता है। MMID Full form मोबाइल मनी आडेन्टिफायर होता है। क्या आपको पता है की मोबाइल मनी आईडेंटिफायर क्या है और यह किस काम में आता है? अगर आप नहीं जानते और इसके बारे में जानने के इच्छुक हैं तो आप सही स्थान पर हैं। इस पोस्ट में हम सीखेंगे कि एमएम आईडी होता क्या है और यह कैसे काम करता है? 

What is a Mobile Money Identifier?

मोबाइल मनी आईडेंटिफायर 7-डिजिट का एक यूनिक नंबर है, जो यूज़र को तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) के लिए अनुमति देता है। इसे संक्षिप्त में MMID Number के रूप में भी जाना जाता है, जिसे रजिस्ट्रेशन के बाद बैंक के द्वारा कस्टमर को प्रदान किया जाता है। उपभोक्ता MMID Number तथा आइएमपीएस का उपयोग कर अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से अथवा एसएमएस के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। 

एमएमआईडी (MMID Number)काम कैसे करता है?

एमएम आईडी ऑनलाइन भुगतान में सहायक टर्म है। आइए अब जानते हैं कि MMID Number काम कैसे करता है?  जब एक व्यक्ति ऑनलाइन माध्यम से मोबाइल नंबर का उपयोग कर एक अकाउंट से दूसरे व्यक्ति के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करता है, तो पैसा प्राप्त करने वाले अथवा पैसा भेजने वाले दोनों व्यक्तियों के पास फंड ट्रांसफर करने के लिए MMID Number का होना आवश्यक है। 

अर्थात MMID Number का प्रयोग मूल रूप से तब किया जाता है, जब एक व्यक्ति IMPS के माध्यम से पैसे भेजना या प्राप्त करना चाहता है। सभी बैंकों द्वारा अपने सभी बैंक अकाउंट धारकों को एक सात अंकों वाला यूनिक एमएमआईडी नंबर प्रदान किया जाता है।  अर्थात प्रत्येक बैंक अकाउंट का MMID Number अलग-अलग होता है, लेकिन विभिन्न MMID Number  से एक ही मोबाइल नंबर को जोड़ा जा सकता है।

आमतौर पर MMID बैंकिंग सुविधा का उपयोग तब किया जाता है, जब कोई व्यक्ति अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का उपयोग करके IMPS के माध्यम से एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में फंड ट्रांसफर करना चाहता है। आइए जानते हैं कि  IMPS क्या होता है? 

IMPS क्या होता है? 

वर्तमान में लगभग सभी बैंकों द्वारा अपने उपभोक्ताओं को IMPS या तत्काल भुगतान सेवा के माध्यम से  ऑनलाइन फंड ट्रांसफर करने की सुविधा प्रदान की जाती है।  अर्थात आइएमपीएस ऑनलाइन माध्यम से तत्काल भुगतान करने का एक तरीका है। बैंकों द्वारा आइएमपीएस सेवा से पहले 2010 में RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) और NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) को लॉन्च किया था। 2010 के बाद आइएमपीएस को लांच किया गया था। 

वर्तमान डिजिटल युग में एक ग्राहक IMPS के साथ वास्तविक समय में एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में फंड ट्रांसफर कर सकता है। इस प्रकार फंड ट्रांसफर करने के लिए व्यक्ति के पास केवल बैंक अकाउंट से मोबाइल नंबर होना ही आवश्यक है। IMPS के माध्यम से किसी भी बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके लिए केवल बैंक अकाउंट तथा आईएफएससी कोड की ही आवश्यकता होती है। 

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बैंक से MMID Number कैसे प्राप्त करें?

तत्काल भुगतान सेवा IMPS का उपयोग करने के लिए ग्राहक के पास नेट बैंकिंग सुविधा से युक्त एक बैंक अकाउंट होना आवश्यक है। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए आपके बैंक अकाउंट से मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना आवश्यक है। अगर आपका मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट के साथ रजिस्टर्ड नहीं है तो सबसे पहले आप अपना मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट्स से रजिस्टर्ड करवाएं। मोबाइल नंबर को बैंक अकाउंट से जोड़ने के लिए ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन दोनों माध्यमों का प्रयोग किया जा सकता है।  

जब आप अपने बैंक अकाउंट के साथ अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करवाते हैं, तो बैंक द्वारा आपको 7 अंकों वाला एक यूनिक MMID Number/MMID Code जारी किया जाएगा। 7 अंकों वाले इसी यूनिक एम एम आई डी कोड की सहायता से ही आप आइएमपीएस तत्काल भुगतान प्रणाली का उपयोग कर एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में तत्काल फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। 

MMID Number/MMID Code के पहले 4 अंक आपके बैंक अकाउंट्स से संबंधित बैंक की विशिष्ट पहचान संख्या है जहाँ से ग्राहक को उनकी IMPS सर्विस मिली है। अगर किसी ग्राहक के पास बैंक में 1 से अधिक अकाउंट है तो बैंक द्वारा उसे प्रत्येक अकाउंट के लिए अलग-अलग MMID Number/MMID Code जारी की जाएगी। MMID Code आपके बैंक अकाउंट तथा मोबाइल नंबर का मिश्रण होता है। कोई भी व्यक्ति एमएमआईडी नंबर को देखकर पता लगा सकता है कि यह किस बैंक द्वारा जारी किया गया है।

विभिन्न बैंक अपने ग्राहकों को MMID Code जनरेट करने की अलग-अलग सुविधाएं प्रदान करते हैं। कुछ बैंक अपने खाताधारकों को मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करते ही MMID Number ऑटोमेटिक जारी कर देते हैं जबकि कुछ बैंक एसएमएस सेवा अथवा नेट बैंकिंग के माध्यम से रिक्वेस्ट करने पर उपभोक्ता को 7 अंकों का एमएम आईडी नंबर जारी करते हैं। यह बैंक विशेष पर निर्भर करता है कि वह अपने ग्राहकों को MMID Number जेनरेट करने कि कौन सी सुविधा उपलब्ध कराता है। 

MMID Number की आवश्यकता क्या है?

वर्तमान डिजिटल युग में, व्यक्ति किसी भी व्यक्ति के बैंक अकाउंट तथा आईएफएससी कोड का उपयोग कर नेट बैंकिंग के माध्यम से RTGS और NEFT की सुविधा का उपयोग कर वास्तविक समय में एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में फंड ट्रांसफर कर सकता है। लेकिन बैंकों द्वारा आरटीजीएस और एनईएफटी(National Electronics Fund Transfer) के माध्यम से फंड ट्रांसफर करने की सुविधा 24 * 7 नहीं दी जाती है। जिसके कारण ग्राहक कभी भी और किसी भी स्थान से फंड ट्रांसफर करने से वंचित हो जाते हैं। 

बैंकों द्वारा ग्राहक की इसी परिस्थिति का हल पेश करते हुए भुगतान के नए तरीके IMPS की शुरुआत की है। भुगतान की त्वरित प्रणाली आइएमपीएस को इस आधार पर तैयार किया गया था कि दो व्यक्तियों के पास एक ही मोबाइल नंबर नहीं हो सकता है। अतः इस कांसेप्ट का उपयोग MMID तकनीक में सफल फंड ट्रांसफर के लिए किया गया है।  

बैंक खाता धारक के मोबाइल नंबर अक्सर बैंक अकाउंट से जुड़े हुए होते हैं, अतः बैंक अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर का उपयोग किसी व्यक्ति की पहचान और उसके अकाउंट नंबर के लिए किया जा सकता है। इसी आधार पर ग्राहक का बैंक अकाउंट नंबर जाने बिना भी पैसे का ट्रांसफर संभव है। लेकिन इस प्रणाली का आविष्कार करने वालों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि खाता धारक का मोबाइल नंबर एक से अधिक बैंक अकाउंट से जुड़ा हो सकता है उस स्थिति में मोबाइल नंबर के माध्यम से सिस्टम द्वारा सटीक अकाउंट नंबर की पहचान कैसे होगी। 

इस समस्या के निदान हेतु मोबाइल नंबर तथा बैंक अकाउंट नंबर को मिलाकर एक यूनिक नंबर इजाद करने की कंसेप्ट सामने आयी, इसी कंसेप्ट को MMID कॉन्सेप्ट कहां जाता है। इस कंसेप्ट के अंतर्गत मोबाइल नंबर और अकाउंट नंबर को मिलाकर एक 7 अंकों का यूनिक MMID Number बनाया जाता है। एक MMID का उपयोग केवल एक बैंक अकाउंट के लिए ही किया जा सकता है क्योंकि ग्राहक के प्रत्येक बैंक अकाउंट का MMID Number होता है।

इस प्रकार अगर कोई ग्राहक एक से अधिक बैंक अकाउंट में एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग कर रहा है, तो MMID Number की सहायता से सटीक अकाउंट जान सकते हैं। इसी कंसेप्ट पर आधारित MMID ने तत्काल भुगतान प्रणाली IMPS को एक सफल मोबाइल बैंकिंग प्लेटफॉर्म बना दिया है।

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MMID Number के माध्यम से फंड ट्रांसफर कैसे करें?

पहले फंड ट्रांसफर करने के लिए बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड की आवश्यकता होती थी लेकिन वर्तमान में MMID कंसेप्ट के अंतर्गत मोबाइल नंबर व अकाउंट नंबर को मिलाकर तैयार किया गया MMID कोड ने अकाउंट नंबर और भुगतानकर्ता के IFSC कोड का स्थान ले लिया है। 

अगर किसी व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति के मोबाइल नंबर और एमएमआईडी कोड की जानकारी है तो वह उसके बैंक अकाउंट में फंड ट्रांसफर कर सकता है। MMID Number/MMID Code का उपयोग तभी किया जा सकता है जब कोई ग्राहक IMPS प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके फंड ट्रांसफर करना चाहता है। 

अगर आप एमएमआईडी कंसेप्ट का उपयोग कर एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में फंड ट्रांसफर करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें।

  • सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर अथवा एप स्टोर की मदद से अपने मोबाइल फोन में अपने बैंक का मोबाइल बैंकिंग एप डाउनलोड करें।
  • मोबाइल बैंकिंग ऐप को ओपन करें और लॉगइन क्रैडेंशियल्स का उपयोग कर अपने अकाउंट में लॉगिन करें।
  • इसके बाद नेवीगेशन की मदद से “फंड ट्रांसफर” सेक्शन में जाएं। फंड ट्रांसफर किस सेक्शन में “IMPS” कब दिखाई देगा।
  • “IMPS” अथवा “IMPS Through MMID” के टैब का चुनाव करें। इसके बाद आपको जिस व्यक्ति को फंड ट्रांसफर करना है, उसका मोबाइल नंबर और MMID Number के साथ अकाउंट नंबर दर्ज करें।
  • आप लाभार्थी को Payee के तौर पर जोड़ भी सकते हैं। इसके बाद फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होती है। 
  • फंड ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान ट्रांजैक्शन को OTP या mPIN का उपयोग करके वेरीफाई करें।
  • जैसे ही ट्रांजैक्शन वेरीफाई होती है, आपके अकाउंट से पैसे डेबिट हो जाएंगे तथा कुछ ही सेकंड में लाभार्थी के बैंक अकाउंट में क्रिकेट हो जाएंगे। 
  • जैसे ही ट्रांजेक्शन सफल प्रक्रिया पूरी होती है, इसकी सूचना आपको एसएमएस के माध्यम से ट्रांजैक्शन रेफरेंस आईडी के साथ प्राप्त हो जाएगी। 
  • भविष्य के रेफरेंस के लिए संदर्भ संख्या को अवश्य नोट कर लें।  इस कंसेप्ट की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना भी ग्राहक IMPS सेवा का उपयोग कृष फंड ट्रांसफर कर सकता है।
  • इस प्रकार कोई भी व्यक्ति अपने बैंक अकाउंट से लाभार्थी को जोड़कर कुछ ही सेकंड में दूसरे बैंक अकाउंट में MMID Number की सहायता से फंड ट्रांसफर कर सकता है।

निष्कर्ष

डिजिटल युग तेजी से शिखर की ओर बढ़ रहा है, जिसमें ऑनलाइन माध्यम से ट्रांजैक्शन करने की नई नई कंसेप्ट सामने आ रही है। इन कंसेप्ट में  IMPS तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस कंसेप्ट की लोकप्रियता को देखते हुए यह कह सकते हैं कि निकट भविष्य में यह कंसेप्ट RTGS और NEFT को पूर्णतया बदल देगी। क्योंकि IMPS के माध्यम से पैसे भेजना अधिक सुविधाजनक और आसान है।  इस कंसेप्ट में फंड ट्रांसफर करने के लिए ग्राहक को केवल MMID Number/MMID Code और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है।

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